दीवाना दिल धड़कता है,
किसी के प्यार मैं, लेकिन
मुआ दिमाग कहता है,
मत खेल धड़कन से,
कभी भी पिट सकता है,
और धड़कन रुक सकता है,
जिंदिगी रुक जायेगी,
अगर सुनेगा तू दिल की|
इंतजार कर माँ-बाप का,
धुंड लेंगे दिल धड़कने को,
दिल भी धड़का लेना,
मोहब्बत की पींगे बढा लेना,
और कुछ गलत हो जाये तो,
माँ बाप से दुखडा रो लेना,
लाये थे तुम ही इसको,
ऐसे कुछ नाराज़ हो लेना|
अगर सुनेगा तू दिल की,
और चडेगा सीधी इमोशन की,
संभल जा पछतायेगा,
नाराज़ हो भी न पायेगा,
दिल धडकना तो दूर,
ठीक से रो भी ना पायेगा,
जिंदिगी की बड़ी भूल
ऐसे कुछ पछता भी न पायेगा|
मैं तो मजाक कर रहा था,
कुछ ऐसे ही बक रहा था,
अगर तू प्यार करता है
और तेरा दिल धड़कता है,
मत सुन दिमाग की,
और बात मान तू दिल की,
माँ- बाप भी होंगे खुशी,
रहत उनको जो तुने दे दी||
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1 comment:
hahaha....nice n humrous one :)
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